25 सितंबर 2025 — डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव आ सकता है। अब यूज़र्स UPI (Unified Payments Interface) के ज़रिए QR कोड स्कैन कर भुगतान करते समय EMI (Equated Monthly Installments) यानी किस्तों में भुगतान करने का विकल्प चुन सकेंगे। यह सुविधा NPCI (National Payments Corporation of India) द्वारा प्रस्तावित की जा रही है।
EMI सुविधा: कैसे काम करेगी?
- QR स्कैन & भुगतान
जब आप किसी दुकान या व्यापारी के QR कोड को स्कैन करेंगे और भुगतान का ऑप्शन चुनेंगे, तो आपके सामने “EMI विकल्प” दिखाई देगा। - EMI की अवधि व शर्तें
उपयोगकर्ता को विभिन्न अवधि (महीने) दिए जाएंगे, जिनमें से वह अपनी सुविधा अनुसार चुन सकता है।
इस दौरान, बैंक या फिनटेक संस्थाएँ आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और प्रोफ़ाइल के आधार पर EMI की मंजूरी देंगी। - QR भुगतान से अलग न हो
यह सुविधा सामान्य UPI स्कैन & पे प्रक्रिया के अंदर ही एम्बेड होगी — यानी कोई अलग ऐप अनुभव नहीं होगा। - फिनटेक कंपनियों की भूमिका
NPCI फिनटेक कंपनियों को इस फीचर को UPI ऐप में जोड़ने की अनुमति देगा ताकि कंपनियां इस EMI विकल्प को अपने ऐप्स पर लागू कर सकें।
फायदे व चुनौतियाँ
फायदे:
- महंगे उत्पादों को खरीदने वालों के लिए आसान भुगतान विकल्प
- UPI को सिर्फ पेमेंट नेटवर्क न बनाकर एक पूर्ण क्रेडिट प्लेटफ़ॉर्म बनाना
- उपभोक्ता को वित्तीय लचीलेपन की सुविधा
चुनौतियाँ:
- खराब उधार (non-performing assets) की समस्या बढ़ सकती है
- फिनटेक और बैंकों को जोखिम प्रबंधन करना होगा
- ग्राहकों की क्रेडिट हिस्ट्री और पात्रता निर्धारण में जटिलताएँ
ICICI Bank का EMI @ UPI
ICICI Bank ने पहले ही एक सेवा पेश की है, जिसमें उपयोगकर्ता अपने QR स्कैन पेमेंट को EMI में बदल सकते हैं — यह सुविधा iMobile ऐप पर उपलब्ध है।
उदाहरण स्वरूप: यदि आपका QR पेमेंट ₹10,000 से ऊपर हो, तब आप EMI विकल्प चुन सकते हैं और किस्तों में भुगतान कर सकते हैं।
