क्रिकेट वर्ल्ड, 27 सितंबर 2025 — भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव ने मैदान और मैदान के बाहर दोनों जगह अपने फैसलों से सुर्खियां बटोरी हैं। एक ओर उन्होंने यह घोषणा की है कि वे अपनी आगामी मैच फीस को पाहलगाम आतंकी हमले के शहीदों और सशस्त्र बलों के परिवारों को दान करेंगे, वहीं दूसरी ओर एशिया कप 2025 के फाइनल में टीम इंडिया ने ट्रॉफी स्वीकार करने से इंकार करके बड़ा संदेश दिया।
क्या कहा सूर्यकुमार यादव ने?
यह दान राशि सीधे शहीद परिवारों और सशस्त्र बलों के लिए सहायता कोष को जाएगी।
यादव ने कहा कि यह हमारा फर्ज़ है कि हम उन परिवारों की मदद करें जिन्होंने इस दुखद घटना में अपूरणीय क्षति झेली।
उन्होंने यह भी बयान दिया कि इस कार्रवाई से उन्हें गर्व है, और वे चाहेंगे कि अन्य खिलाड़ी भी इस तरह की पहल करें।
भारत ने ट्रॉफी नहीं उठाई — ये है पूरा मामला
क्या हुआ?
- 28 सितंबर 2025 को भारत ने एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को हराया।
- लेकिन जब ट्रॉफी और विजेता पदक सौंपने की बारी आई, तो भारतीय टीम ने उन्हें लेने से मना कर दिया।
- विवाद तब हुआ जब ट्रॉफी देने के लिए एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) अध्यक्ष और पाकिस्तान के मंत्री मोसिन नकवी मंच पर आए।
- इसके बाद ACC की प्रस्तुति घंटों रुकी रही और अंततः केवल व्यक्तिगत पुरस्कार ही दिए गए। टीम इंडिया ने ट्रॉफी स्वीकार नहीं की।
टीम इंडिया का बयान
- कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, “मैंने अपनी कई ट्रॉफियाँ अलमारी में रखी हैं, लेकिन ये जीत हमारे दिलों में हमेशा रहेगी। ये भावनात्मक जीत है।”
- बीसीसीआई के अधिकारी डेवाजित सैइकिया ने कहा कि टीम का फैसला था कि ट्रॉफी पाकिस्तान के किसी प्रमुख नेता से न ली जाए।
- टीम इंडिया ने मांग की थी कि ट्रॉफी किसी अन्य व्यक्ति से दिलाई जाए, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ।
पाखलगाम हमला: संदर्भ
- हाल ही में पाखलगाम (पहलम) में एक आतंकवादी हमला हुआ, जिसमें नागरिकों और सुरक्षा बलों को भारी नुकसान हुआ।
- इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया और लोगों में संवेदना, शोक और एकजुटता की भावना जगाई।
- राज्य सरकार, केंद्र सरकार और अन्य नागरिक संगठनों ने भी शहीदों की सहायता तथा पुनर्वास के लिए कदम उठाए हैं।
खिलाड़ी की सामाजिक भूमिका
- इस कदम से सूर्यकुमार यादव ने यह दिखाया कि खिलाड़ी सिर्फ मैदान में ही नहीं, बल्कि समाज और देश के लिए जिम्मेदार नागरिक भी होते हैं।
- इस तरह की पहल न केवल प्रभावित परिवारों की मदद करती है, बल्कि अन्य खिलाड़ियों और नागरिकों को प्रेरित करती है।
- समाचार स्रोतों के अनुसार, इससे पहले भी कई खिलाड़ियों ने शहीद परिवारों, आपदा पीड़ितों आदि के समर्थन में सहायता दी है।
