बाबा प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु और युवा उनके साथ चल रहे हैं। इसी दौरान एक ऐसी घटना सामने आई जिसने स्थानीय लोगों का ध्यान खींच लिया।
पदयात्रा मार्ग में पड़ने वाले एक शराब ठेके को युवाओं ने मिलकर बंद करवा दिया। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से वायरल हो रही है।
युवाओं ने लिया बड़ा फैसला
पदयात्रा के रास्ते में स्थित शराब दुकान को देखकर कई युवा विरोध करने लगे। युवाओं ने कहा:
- मार्ग पर नशे की दुकान शोभा नहीं देती
- संतों और श्रद्धालुओं की यात्रा के समय शराब बेचना गलत है
- ऐसे स्थानों पर धर्म और शांति का माहौल होना चाहिए
कुछ मिनटों की बातचीत के बाद क्षेत्र के लोगों ने भी युवाओं का समर्थन किया।
धीरेंद्र शास्त्री की अपील का भी असर
स्थानीय लोगों का कहना है कि बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कुछ दिनों पहले ही युवाओं से नशा-मुक्त समाज बनाने की अपील की थी।
उनकी इस अपील का प्रभाव युवाओं में देखा जा रहा है।
धार्मिक कार्यक्रमों के बीच शराब बिक्री का कोई स्थान नहीं
युवाओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव जरूरी है
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब
पीले वस्त्रों में महाराज और उनके अनुयायियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
पदयात्रा में:
रास्ते में भक्त भजन-कीर्तन और सेवा कार्य कर रहे हैं
अलग-अलग गांवों से लोग शामिल हो रहे हैं
महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग भी भगवा पहनकर जुड़ रहे हैं
स्थानीय प्रशासन की भूमिका
युवाओं की मांग के बाद प्रशासन भी मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायज़ा लिया।
प्रशासन ने दुकान मालिक से बात की और यात्रा अवधि में दुकान बंद रखने को कहा।
प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जागरूकता अभियान जैसा बनती जा रही है।
युवाओं द्वारा शराब ठेका बंद कराना दिखाता है कि समाज में सकारात्मक बदलाव की इच्छा अब पहले से अधिक बढ़ रही है।
