अयोध्या — राजधानी दिल्ली से लगभग 200 किमी की दूरी पर स्थित पवित्र नगरी अयोध्या आज एक ऐतिहासिक क्षण की गवाह बनने जा रही है। मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्री राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर सहित सात मंदिरों पर धर्म ध्वज फहराने वाले हैं। यह आयोजन मंदिर निर्माण के पूर्ण होने और नए युग की शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
कौन-कौन होंगे उपस्थित? इस भव्य आयोजन में शामिल हैं:
Mohan Bhagwat — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक
Yogi Adityanath — उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
Anandiben Patel — राज्यपाल, उत्तर प्रदेश
हजारों आम श्रद्धालु और गणमान्य व्यक्ति
समय व कार्यक्रम
- समारोह मध्याह्न के समय आयोजित होगा।
- प्रधानमंत्री मोदी सुबह अयोध्या पहुँचेंगे, इसके बाद मंदिर परिसर का दौरा, पूजा-आराधना और फिर ध्वजारोहण समारोह।
- मुख्य शिखर पर फहराई जाने वाली ध्वज में ‘सूर्य’, ‘ॐ’, और ‘कोविदर पेड़’ के प्रतीक शामिल हैं, जो भगवान राम के आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व
यह कार्यक्रम वर्तमान में निर्माणाधीन मंदिर की पूर्णता का प्रतीक है। 22 जनवरी 2024 को रामलल्ला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद आज का ध्वजारोहण उस यात्रा का एक नया अध्याय है।
साथ ही यह दिन श्रद्धु-भक्तों के लिए बड़ी धरोहर और राष्ट्रीय और धार्मिक पहचान का अवसर है।
सुरक्षा व तैयारियाँ
अयोध्या में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। मार्गों को बंद किया गया है, विशेष तलाशी कार्य चल रहा है और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने पर नियंत्रण है।
सड़कों, चौराहों और मंदिर मार्गों को फूलों से सजाया गया है; नगर निगम ने हजारों क्विंटल फूलों का इस्तेमाल किया है।
