भारत की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन IndiGo इस समय बड़े संकट से जूझ रही है।
पिछले एक महीने में लगभग 1,232–1,300 से ज़्यादा उड़ानें (flights) रद्द हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों का भरोसा हिल गया है।
ऐसा हुआ — वजह क्या है?
- मुख्य कारण है क्रू-कमी (Crew Shortage) — खासकर पायलट व केबिन क्रू की कमी, जो नए नियमों के बाद और बढ़ गई है।
- इसके अलावा, Flight Duty Time Limitation (FDTL) नॉर्म्स — जो पायलट/क्रू की Duty Hours व Rest Hours तय करते हैं — लागू होने से शेड्यूलिंग में दिक्कत हो रही है।
- टेक्निकल खामियाँ, एयरपोर्ट कंजेशन, एयरस्पेस/ATC बाधाएँ और मौसम-संबंधी दिक्कतें भी रद्दियों का कारण बनी हैं।
क्या हुआ है असर — यात्रियों और एयरलाइन दोनों पर
- कई यात्रियों को पिछले मिनट में उड़ान रद्द / डिले की सूचना मिली — रातों रात टिकट बेकार हो गए।
- कई फ्लाइट्स रातों-रात कैंसल या रिस्केड्यूल — जिससे connecting flights, होटेल बुकिंग, घर वापसी आदि बुरी तरह प्रभावित हुए।
- IndiGo का On-Time Performance (OTP) गिरकर सिर्फ ~35% तक आ गया।
- कंपनी की बाजार में साख प्रभावित हुई: ट्रेडिंग के दिन स्टॉक में गिरावट देखी गई।
IndiGo ने यात्रियों से माफी मांगते हुए कहा है कि “यह एक अस्थायी समस्या है” और अगले 48–72 घंटे में ऑपरेशन सामान्य करने की कोशिश कर रही है।
पायलट कमी क्यों हुई / FDTL नॉर्म्स का असर
- नवंबर 2025 में लागू हुए नए FDTL नियमों के तहत पायलटों / क्रू को पहले से ज्यादा Rest Hours दिए जाने हैं — ताकि उड़ानों में थकान न हो।
- लेकिन IndiGo के नेटवर्क, फ्लाइट डायरी और पहले से तय Crew-rosters को तुरंत नए नियमों से अपडेट करना संभव नहीं हुआ।
- कई विमानों को जमीन पर खड़ा करना पड़ा, व एयरलाइंस को फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं — परिणामस्वरूप हालात बिगड़ गए।
एयरलाइन ने क्या कहा है + DGCA ने क्या कदम उठाए हैं
- IndiGo ने कहा कि कई cancellations “unavoidable operational disruptions” के कारण हुए — टेक्निकल, क्रू-शॉर्टेज, एयरपोर्ट कंजेशन आदि।
- DGCA (निर्देश regulatory body) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एयरलाइंस को crew-planning, roster management व बेहतर operational coordination सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- यात्रियों से कहा गया है कि वे फ्लाइट से 24–48 घंटे पहले स्थिति जरूर ऑनलाइन चेक कर लें, ताकि वे अनावश्यक परेशानी से बच सकें।
IndiGo की ये परेशानी सिर्फ एक एयरलाइन की समस्या नहीं, यह एयर ट्रैवल संक्रमण का संकेत है
IndiGo हालाँकि भारत की सबसे बड़ी domestic एयरलाइन है, लेकिन इस बार की रद्दियों की लहर ने दिखा दिया कि बड़े नेटवर्क और regulation changes के बीच बनाना कितना मुश्किल हो गया है।
यात्रियों को, एयरलाइंस को और regulator को — तीनों को मिलकर बेहतर प्लेटफार्म, नियम, अप्रत्याशित स्थिति के लिए बैक-अप प्लान तैयार करना पड़ेगा।
अगर IndiGo नियमों का पालन कर crew-management मजबूत करता है, technical glitches सुधारता है, और एयरपोर्ट congestion के लिए coordination बढ़ाता है — तो फिर से “on-time flights” देखने की उम्मीद है।
