अमेरिका ने G7 व EU को भारत-चीन पर रूसी तेल आयात कर टैरिफ लगाने का आह्वान किया, भारत ने किया दबाव का मुकाबला

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सितंबर 2025 में, अमेरिकी ट्रेजरी ने G7 और यूरोपीय संघ के देशों को आग्रह किया है कि वे उन देशों पर टैरिफ लगाएँ जो अब भी रूसी कच्चे तेल का आयात कर रूस की युद्ध गतिविधियों को वित्तपोषित कर रहे हैं। भारत ने इस दबाव के बावजूद अगस्त महीने में रूस से तेल आयात को बढ़ाया


विस्तार से:

  • ट्रेजरी की अपील: U.S. ट्रेजरी ने G7 और EU को यह सुझाव दिया है कि चीन और भारत जैसे देशों के खिलाफ अर्थव्यवस्था में क़दम उठाएँ जाएँ, जो रूस से कच्चे तेल का आयात कर रहे हैं।
  • भारत का रुख: भारत ने कहा है कि वह ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखते हुए अपने तेल आवश्यकताओं को पूरा करेगा, भले ही अंतरराष्ट्रीय दबाव बने।
  • आंकड़े: अगस्त 2025 में भारत ने रूस से लगभग €2.9 अरब का तेल आयात किया, जो चीन के €3.1 अरब के करीब है।
  • टैरिफ की स्थिति: ट्रम्प सरकार ने भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाया है, जिससे कुल टैरिफ लगभग 50% हो गया है। यह निर्णय रूस से तेल खरीदने के चलते लिया गया है।

निहितार्थ:

  • भारत-अमेरिका संबंधों में राजनीतिक व व्यापारिक तनाव बढ़ सकते हैं।
  • भारतीय उद्योगों पर टैरिफ का बोझ पड़ने से निर्यात प्रभावित हो सकता है।
  • ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता हो सकती है यदि रूस से आयात में बाधाएँ आयें।
  • यह मुद्दा वैश्विक ऊर्जा, सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़ा है।