नई दिल्ली — 6 दिसंबर 2025 को राजधानी दिल्ली में हुई आतंकी विस्फोट की जांच के दौरान NIA ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस ब्लास्ट की प्लानिंग कम-से-कम दो वर्षों से चल रही थी और इसे देशभर के 32 अलग-अलग लोकेशन पर अंजाम देने की साजिश थी।
प्लानिंग का पैमाना
- आतंकी डॉक्टरों व मॉड्यूल ने वर्ष 2023 से धमाके की तैयारी शुरू कर दी थी।
- इसमें फरीदाबाद-धोज इलाके की एक आटा चक्की और अन्य सामान्य दिखने वाली ठिकानों को बम फैक्ट्री में बदलने का काम शामिल था।
- कोई छोटी साजिश नहीं थी — NIA रिपोर्ट में कहा गया है कि 32 जगहों पर कार बम, आत्मघाती हमले और बड़े पैमाने पर विस्फोट करने के प्लान तैयार थे।
चूक से हुआ हादसा
जांच में सामने आया है कि वहाँ एक “माइनरमिस्टेक” यानी छोटी भूल ने पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया। धमाका व गिरफ्तारी उस चूक के बाद संभव हुआ।
कौन-कौन शामिल थे?
- आतंकी संगठन Jaish‑e‑Mohammed का समर्थन मौजूद था।
- एक डॉक्टर मुज़म्मिल शकील, एक ट्रैक्सी ड्राइवर, और कुछ विश्वविद्यालय से जुड़े व्यक्तियों का नाम सामने आया है।
- आटा चक्की में ग्राइंडर मशीन, इलेक्ट्रिकल उपकरण और विस्फोटक बनाने वाले घटक पाए गए।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
गृह मंत्रालय ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है।
दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा को अलर्ट पर रखा गया है।
जगह-जगह चेकिंग अभियान चलाए गए, ठिकानों की तलाशी बढ़ाई गई।
यह खुलासा यह दिखाता है कि कैसे सामान्य व घरेलू दिखने वाले ठिकानों को आतंक के ठिकानों में बदला जा सकता था।
भारत को इस तरह की साजिशों से निपटने के लिए सशक्त गुप्तचर और खुफिया नेटवर्क की आवश्यकता है।
