भारत की जानी-मानी प्लेबैक सिंगर और समाजसेविका Palak Muchhal ने संगीत को सेवा का माध्यम बनाया है — और आज उस सेवा को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है। उन्होंने अपनी सामाजिक संस्था के माध्यम से अब तक 3,800 से अधिक हृदय शल्य-क्रियाओं का वित्तपोषण किया है, जिससे उन्हें Guinness Book of World Records और Limca Book of Records में स्थान मिला है।
प्रारंभ और उद्देश्य
इंदौर में जन्मी Palak ने बेहद कम उम्र से ही अपने गायक तेवर के साथ समाज-सेवा को भी महत्व दिया। एक ट्रेन-यात्रा के दौरान उन्होंने ऐसे बच्चों को देखा जिन्हें चिकित्सा-सहायता न मिलने कारण दर्द झेलना पड़ रहा था। उस अनुभव ने उन्हें जीवन-मिशन दिया — “छोटी-छोटी धड़कियों को बचाना”।
वे अपने भाई Palash Muchhal के साथ मिलकर “Palak Palash Charitable Foundation” नामक संस्था चलाती हैं, जो आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों की हृदय-शल्य-क्रियाओं को करवाती है।
कीर्तिमान-सफलता
- अब तक 3,800 से अधिक बच्चों की हृदय-शल्य-क्रिया का खर्च उठाया गया है — एक बड़ी उपलब्धि।
- इस उपलब्धि के चलते उन्हें Guinness व Limca बुक दोनों में नाम दर्ज हुआ है।
- उनके इस काम ने स्वास्थ्य-सेवा-क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में नए मानदंड स्थापित किये हैं।
आगे की राह
Palak ने कहा है कि यह केवल एक-दो शल्य-क्रियाएँ भर नहीं हैं — उनका मकसद उन हजारों बच्चों तक पहुंचना है जिन्हें वित्त-संघर्ष के कारण इलाज नहीं मिल पा रहा।
वे यह भी बताती हैं कि संगीत उनकी केवल पेशा नहीं बल्कि “माध्यम” है — जिसे उन्होंने सामाजिक परिवर्तन के लिए चुना है।
