बिहार चुनाव 2025: सुरक्षा हे́तु बढ़ी हलचल, मुलाकातों ने बढ़ाई राजनीति की गर्मी
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज-तर्रार हो गई हैं। दो मामले विशेष रूप से सुर्खियों में हैं — एक में तेज प्रताप यादव को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा Y+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, और दूसरे में मनोज तिवारी एवं खेसारी लाल यादव की पटना एयरपोर्ट पर वायरल हुई मुलाकात ने राजनीति में सवाल खड़े कर दिए हैं।
तेज प्रताप यादव को Y+ सुरक्षा — क्या है मायने
मीडिया से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा कि ये “संयोग” है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक इसे एक बड़े बदलाव की दिशा में संकेत मान रहे हैं।
सोमवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, तेज प्रताप यादव को गृह मंत्रालय ने Y+ कैटेगरी की सिक्योरिटी मंज़ूर की है।
सुरक्षा वृद्धि की वजह कही जा रही है “संभावित खतरा एवं राजनीतिक गतिविधियों की बढ़ती भूमिका”।
बताया गया है कि इस श्रेणी में लगभग 11 कमांडो-सिक्योरिटी अधिकारियों तैनात किए जाते हैं, जिसमें PSO (Personal Security Officers) और स्टेटिक टीम शामिल है।
इस कदम के तुरंत बाद, तेज प्रताप और रवि किशन की पटना एयरपोर्ट पर दो बार की मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में कई अटकलें जन्म दी हैं।
मनोज तिवारी-खेसारी लाल की एयरपोर्ट मुलाकात और वायरल वीडियो
इस मुलाकात से यह संभावना भी उठ रही है कि खेसारी की भूमिका सिर्फ मीडिया-फोकस नहीं बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है, जहाँ भोजपुरी स्टार-कैंडिडेट का पंज चढ़ाना राजनैतिक समीकरण बदलने की दिशा में एक चाल हो सकती है।
हाल ही में खेसारी लाल यादव ने पटना एयरपोर्ट पर मनोज तिवारी के पैर छुए, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इस मुलाकात पर मनोज तिवारी ने कहा कि “हम राजनीति में मर्यादा के समर्थक हैं, यह हमारी परंपरा है”।
उन्होंने कहा कि भाजपा-छात्र-प्रचारक के रूप में उन्हें यह भी विश्वास है कि एनडीए इस बार 160 से अधिक सीटें जीत सकती है – यह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिए गए दावे से मेल खाता है।
