Cyclone Montha ने मचाया कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में हज़ारों लोग सुरक्षित स्थानों पर भेजे गए

मोंथा चक्रवात ने मचा दी तबाही मोंथा चक्रवात ने तो मचा दी तबाही

तूफान ‘Montha’ का कहर

भारत के पूर्वी तट पर साइक्लोन Montha ने जबरदस्त तबाही मचाई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह भीषण चक्रवात रविवार देर रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और ओडिशा के कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकराया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किमी/घंटा तक रही, जिससे कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए तथा निचले क्षेत्रों में पानी भर गया।

हजारों लोग हुए विस्थापित

सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक़, आंध्र प्रदेश के विभिन्न जिलों — विशेषकर गुंटूर, कृष्णा, विशाखापट्टनम और पूर्व गोदावरी — से करीब 76,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
वहीं ओडिशा में गजपति, रायगढ़ा, गंजाम, कोरापुट और आसपास के जिलों में भी लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है।
दोनों राज्यों में मिलाकर सैकड़ों राहत शिविर सक्रिय किए गए हैं, जिनमें भोजन, दवा और अस्थायी आवास की व्यवस्था की गई है।
प्रशासन की तैयारी और अलर्ट

राज्य सरकारों ने रेड अलर्ट जारी करते हुए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए हैं। रेल और सड़क परिवहन पर भी असर पड़ा है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने कहा कि “हमारा लक्ष्य शून्य जनहानि” है और इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
आंध्र प्रदेश में NDRF और SDRF की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुटी हैं, जबकि बिजली विभाग ने आपात दलों को तैनात किया है ताकि लाइन बहाल की जा सके।
तेज़ बारिश और जनजीवन प्रभावित

विशाखापट्टनम और उसके आस-पास के इलाकों में रिकॉर्ड 14 सेमी बारिश दर्ज की गई। कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है — धान और बागवानी फसलें बर्बाद हो गईं।
समुद्र तटों पर ऊंची लहरें उठ रही हैं, जिससे मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है।
आने वाले 48 घंटे अहम

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात धीरे-धीरे कमजोर होगा, लेकिन अगले 48 घंटों तक भारी बारिश और तेज़ हवाओं की संभावना बनी रहेगी।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर के अंदर रहें, बिजली उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें और आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।

मुख्य तथ्य (Cyclone Montha)

विवरणजानकारी
राज्य प्रभावितआंध्र प्रदेश, ओडिशा
हवा की रफ्तार90 – 110 किमी/घंटा
लोगों का विस्थापनलगभग 76,000
सबसे ज़्यादा बारिशविशाखापट्टनम (14 सेमी)
मुख्य राहत क्षेत्रगजपति, रायगढ़ा, गुंटूर, पूर्व गोदावरी
अलर्ट स्थितिरेड अलर्ट जारी
राहत बलNDRF, SDRF, स्थानीय पुलिस

Cyclone Montha ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि तटीय राज्यों को हर मौसम में तैयार रहना चाहिए। सरकार और राहत एजेंसियाँ सक्रिय हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों तक सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।