काठमांडू, 12 सितम्बर 2025 — नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता के बीच, सुशीला कार्की (Sushila Karki) को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाए जाने की संभावना है। यह कदम पूर्व प्रधान मंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार विरोधी प्रदर्शनों की वजह से आया है।
पृष्ठभूमि: सुशीला कार्की कौन हैं?
- सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रहीं; उन्होंने जुलाई 2016 से जून 2017 तक यह पद संभाला।
- उनका जन्म 7 जून 1952, बिराटनगर, मोरांग जिले में हुआ।
- उन्होंने कानूनी करियर 1979 से शुरू किया और नेपाल की सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में कार्य किया।
नेपाल में बदलाव की स्थिति
- जनरल आउटक्राय (विशेष रूप से Gen-Z युवाओं द्वारा नेतृत्व किए गए) प्रदर्शन के बाद, के.पी. शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया।
- राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल और सेना प्रमुख अशोक राज सिग्देल सहित संवैधानिक विशेषज्ञों ने सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री नियुक्त करने पर सहमति जताई।
- उनका चयन एक ऐसे दौर में हुआ है जहाँ राजनीतिक असंतोष, सोशल मीडिया प्रतिबंध और युवाओं की मांगें स्पष्ट रूप से सामने आई हैं।
क्या उम्मीद की जा रही है?
सुशीला कार्की को अनुमानित रूप से 12 सितम्बर को पद-ग्रहण करना है और वह अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगी।
- उनका मुख्य उद्देश्य चुनावों की तैयारी करना और व्यवस्था में सुधार लाना होगा।
- नेपाल-भारत संबंधों की कड़ी प्रशंसा की जा रही है; रिपोर्टों में कहा गया है कि सुशीला कार्की ने भारत के साथ अच्छे रिश्तों को महत्व दिया है।
चुनौतियाँ
- सरकार का वैधानिक जनाधार कितना होगा, यह स्पष्ट नहीं है क्योंकि वह अंतरिम सरकार होंगी, न कि निर्वाचित।
- राजनीतिक दलों और जनता की अपेक्षाएँ बहुत अधिक हैं, विशेषकर भ्रष्टाचार विरोधी मांगों और सोशल मीडिया की आज़ादी को ध्यान में रखते हुए।
- अंतरिम सरकार की सीमाएँ होती हैं — बड़े बदलाव समय और सक्षम प्रशासन के बिना मुश्किल होंगे।
