अयोध्या दीपोत्सव 2025: पाँच दिन में पांच लाख दर्शन और चमका कारोबार टूटे कई रिकॉर्ड

Ayodhya’s Deepotsav 2025 Ayodhya’s Deepotsav 2025

धार्मिक श्रद्धा, रंग-रूप और विकास का अद्भुत मेल — ऐसा नज़ारा इस वर्ष अयोध्या में देखने को मिला, जब डीपोत्सव के आयोजन ने केवल आध्यात्मिक माहौल नहीं बनाया बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति दी।

पिछले पांच दिनों में अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए पाँच लाख से अधिक श्रद्धालु आए। इस दौरान होटलों, गेस्टहाउस, रेस्टोरेंट, प्रसाद-विक्रेताओं, एवं स्थानीय फेरीवालों की गतिविधियाँ चरम पर थीं। दैनिक संख्या के हिसाब से 18 से 22 अक्टूबर के बीच प्रतिदिन लगभग सवा लाख से डेढ़ लाख यात्रियों ने दर्शन किए।

होटल-रूम्स 90 % से भी अधिक बुक रहे, फेरी-वाले, चाय-वाले, प्रसाद-विक्रेताओं ने सामान्य दिनों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक कारोबार किया। एक चाय-वाले ने बताया कि दीपोत्सव के दौरान वह रोजाना लगभग 2 000 चाय बेच रहा था — जबकि आम दिनों में संख्या मुश्किल से 50 पहुंचती थी।

अर्थशास्त्री विनोद श्रीवास्तव के अनुसार, इस आयोजन से अयोध्या की अर्थव्यवस्था में करीब पाँच करोड़ रुपये का तात्कालिक प्रवाह हुआ, केवल पाँच दिन में। उन्होंने कहा कि कुम्हारों-फेरीवालों-छोटी दुकानों को ऐसे अवसर मिल रहे हैं जो पहले तीन महीनों में भी न मिलते थे।

इसके अलावा, विदेशी पर्यटकों की भी अच्छी-खासी आवक हुई। अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, रूस, इंडोनेशिया समेत कई देशों से आए श्रद्धालुओं ने रामलला, हनुमानगढ़ी सहित अयोध्या के प्रमुख स्थलों का दर्शन-पूजन किया और स्थानीय खरीद-फरोख्त में सक्रिय रहे।

इस तरह, डीपोत्सव सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं रहा — यह अयोध्या को धार्मिक पर्यटन एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बन गया है।