भारतीय क्रिप्टो एक्सचेंज WazirX ने 24 अक्टूबर 2025 से अपने ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म को पुनः सक्रिय करने का निर्णय लिया है, लगभग 15 महीनों के ठहराव के बाद।
पिछले साल जुलाई 2024 में इस प्लेटफॉर्म पर एक बड़े साइबर हमले में लगभग $230 मिलियन (करीब ₹2,000 करोड़) मूल्य की डिजिटल संपत्तियाँ चोरी हो गई थीं, जिसके बाद यह प्लेटफॉर्म अपने सभी ट्रेडिंग और विड्राॉल ऑपरेशन को ठप्प कर लिया था।
वापसी की प्रक्रिया के तहत, WazirX ने अपनी पुनर्रचना योजना को सिंगापुर की हाईकोर्ट से मंजूरी दिलाई है और इसके साथ ही 30 दिनों के लिए सभी ट्रेडिंग-पेयर पर शून्य फीस (0 % ट्रेडिंग शुल्क) की पेशकश की है, ताकि उपयोगकर्ताओं का भरोसा जल्द लौट सके।
प्लेटफॉर्म शुरुआत में कुछ चयनित क्रिप्टो-टू-क्रिप्टो पेयर्स तथा USDT/INR पेयर को लाइव करेगा और धीरे-धीरे अन्य मार्केट्स को जोड़ते हुए पूर्ण ऑपरेशन तक पहुँचाएगा। इसके अलावा, सुरक्षा में सुधार के लिए WazirX ने अमेरिकी डिजिटल-ऐसेट कस्टडी फर्म BitGo के साथ साझेदारी की है।
कंपनी के सह-संस्थापक Nischal Shetty ने कहा है कि यह सिर्फ दोबारा शुरू होना नहीं है बल्कि प्लेटफॉर्म को “भरोसेयोग्य, पारदर्शी और सुरक्षित” बनाने की दिशा में एक नया अध्याय है।
इस कदम से भारत के क्रिप्टो निवेशकों और एक्सचेंज इंडस्ट्री को सहज रूप से राहत मिली है, हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि निवेश जोखिम अभी भी बना हुआ है क्योंकि अभी भी उपयोगकर्ताओं के फंड्स पूरी तरह मुक्त नहीं हुए हैं और प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता की चुनौतियाँ मौजूद हैं।
