जयपुर SMS अस्पताल में ICU में आग: 6 की मौत, कई गंभीर

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जयपुर: रविवार रात को Sawai Man Singh (SMS) अस्पताल के ट्रॉमा ICU में भीषण आग लगी। इस हादसे में 6 मरीजों की मौत हुई और 5 मरीज अभी भी गंभीर स्थिति में हैं
परिवारवालों का आरोप है कि जब आग फैल रही थी, तो अस्पताल के कई स्टाफ ने बचने की कोशिश की और कुछ देर अस्पताल छोड़कर भाग गए।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने घटना की गहन जांच के आदेश दिए।

आग कैसे लगी – प्रारंभिक जांच

दमकल विभाग को लगभग 1.5 घंटे में आग पर काबू मिला।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, आग शॉर्ट सर्किट की वजह से storage room (सामग्री रखने वाला कमरा) में लगी।
उस समय ट्रॉमा ICU में लगभग 11 मरीज भर्ती थे। वहीं Semi-ICU में अन्य 13 मरीज थे।
आग तेजी से फैली और जहरीली धुएँ से पूरा वार्ड भर गया। इस कारण पहुंच मुश्किल हो गई।

परिवारों का आरोप और अस्पताल की प्रतिक्रिया

परिजनों का कहना है कि उन्होंने पहले ही डॉक्टरों को चिंगारी और धुएँ की समस्या के लिए चेताया था, लेकिन उन्हें टाल दिया गया।
कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि स्टाफ ने बचने की कोशिश की, जबकि मरीज अंदर फँसे रहे।
अस्पताल प्रशासन ने कहा कि बचाव कार्य तेजी से किया गया। कई मरीजों को टैली, बिस्तर पर सड़क की ओर ले जाया गया।

स्थिति अभी भी गंभीर

राज्य सरकार ने एक विशेष जांच समिति गठित की है, जो आग लगने के कारण, सुरक्षा प्रोटोकॉल, और अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी की समीक्षा करेगी।
जिन 5 मरीजों की हालत गंभीर है, उन्हें अगली देखभाल के लिए अस्पताल के अन्य वार्डों में स्थानांतरित किया गया।
जांच के लिए FSL और पुलिस को लगा दिया गया है।

आग से जुड़ी मुख्य बातें

कार्रवाई: जांच समिति गठित, दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन
घटना समय: रविवार रात करीब 2:30 बजे
स्थान: SMS अस्पताल, ट्रॉमा ICU वार्ड, जयपुर
मृतक: 6 मरीज
घायल: 5 मरीज
आग का कारण: शॉर्ट सर्किट (प्रारंभिक रिपोर्ट)

मरीजों और परिजनों का दर्द

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका कहना है कि आग लगने के बाद कर्मचारी पहले खुद बाहर निकल गए, जबकि मरीजों को बचाने की कोशिश देर से की गई।
कुछ परिजनों ने यह भी कहा कि उन्होंने पहले ही चिंगारी और धुएँ की शिकायत की थी, लेकिन डॉक्टरों ने अनदेखा कर दिया।

वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार किया है।
प्रबंधन के अनुसार, जैसे ही आग लगी, तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और कई मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया