19 सितंबर 2025 — दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनावों में इस बार Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) ने तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है, जबकि NSUI को Vice President पद पर सफलता मिली है। चारों पदों — अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, एवं संयुक्त सचिव — में ABVP ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया। प्राप्त वोटों और NOTA के बढ़ते आंकड़ों ने यह साफ़ कर दिया कि छात्रों में चुनावी विकल्पों और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर असंतोष बरकरार है।
चुनाव के मुख्य निष्कर्ष
| पद | विजेता | वोट |
|---|---|---|
| अध्यक्ष (President) | Aryan Maan (ABVP) | लगभग 28,841 |
| उपाध्यक्ष (Vice President) | Rahul Jhansla (NSUI) | करीब 29,339 |
| सचिव (Secretary) | Kunal Chaudhary (ABVP) | 23,779 |
| संयुक्त सचिव (Joint Secretary) | Deepika Jha (ABVP) | 21,825 |
NOTA और छात्र मतों की विशेष विशेषताएँ
- इस चुनाव में NOTA (None of the Above) विकल्प प्रयोग करने वाले छात्रों की संख्या काफी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि कुछ छात्र किसी भी उम्मीदवार से संतुष्ट नहीं थे।
- AISA-SFI गठबंधन को अपेक्षित सफलता नहीं मिली; उनकी उम्मीदवारी ने कुछ वोट हासिल किए लेकिन प्रमुख पदों में विजयी नहीं हो पाए।
राजनीतिक संकेत
- ABVP की जीत को राजनीतिक विश्लेषकों ने युवा राजनीति में उनकी मज़बूत स्थिति की पुष्टि माना है।
- NSUI का उपाध्यक्ष पद जीतना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके लिए एक सकारात्मक संकेत है कि उनके वोट बैंक में अभी भी क्षमता मौजूद है।
- छात्र-राजनीति में मुद्दों-की प्रधानता बढ़ी है: छात्र सुविधाएँ, कोविड-शुल्क, छात्र जीवन समानता आदि विषय इस चुनाव में प्रमुख रहे।
DUSU चुनाव 2025-26 ने यह दिखाया है कि ABVP इस बार छात्र राजनीति में एक बार फिर शीर्ष पर है, तीन महत्वपूर्ण पदों पर जीत के साथ। हालाँकि NSUI ने VP पद जीत कर अपनी मौजूदगी बनाए रखी है, लेकिन बदली हुई छात्र परिस्थिति और NOTA के बढ़ते मत यह संकेत देते हैं कि छात्रों की अपेक्षाएँ बदल रही हैं। अगले कुछ महीनों में यह महत्वपूर्ण होगा कि विजय उम्मीदवार अपने वादों को पूरा करें, ताकि छात्र विश्वास को बनाए रखा जा सके।
